माधुरी का फिल्मी सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। कॉलेज के पहले छह महीनों के बाद ही उन्हें राजश्री प्रोडक्शंस से फिल्म का प्रस्ताव मिला और उन्होंने पढ़ाई छोड़कर अभिनय को अपना करियर चुना।
माधुरी दीक्षित का जन्म को मुंबई के एक मध्यमवर्गीय मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम शंकर दीक्षित और माता का नाम स्नेहलता दीक्षित था। चार भाई-बहनों में सबसे छोटी माधुरी को बचपन से ही नृत्य में गहरी रुचि थी।
90 के दशक में उन्होंने दिल, साजन, बेटा, खलनायक, हम आपके हैं कौन..!, दिल तो पागल है और देवदास जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं। फिल्म बेटा के गाने "धक धक करने लगा" के बाद से ही उन्हें "धक धक गर्ल" कहा जाने लगा। madhuri dixit ki chudai kahani
मात्र 3 साल की उम्र से ही उन्होंने शास्त्रीय नृत्य कथक सीखना शुरू कर दिया था और 8 साल की उम्र तक वह एक प्रशिक्षित कथक नर्तकी बन चुकी थीं।
असली सफलता 'तेजाब' (1988) के गाने "एक दो तीन" से मिली, जिसने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। हम आपके हैं कौन..!
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा डिवाइन चाइल्ड हाई स्कूल, अंधेरी से पूरी की। कॉलेज के दिनों में वह माइक्रोबायोलॉजिस्ट बनना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने साठये कॉलेज (मुंबई) में बीएससी (B.Sc) में दाखिला भी लिया था।
माधुरी दीक्षित , जिन्हें अक्सर और "बॉलीवुड की डांसिंग क्वीन" के नाम से जाना जाता है, भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने अपनी मुस्कान, अभिनय और अद्वितीय नृत्य कला से करोड़ों दिलों पर राज किया है। उनका सफर एक साधारण मराठी परिवार से शुरू होकर वैश्विक सुपरस्टार बनने तक की एक प्रेरणादायक कहानी है। madhuri dixit ki chudai kahani
उनकी पहली फिल्म 'अबोध' (1984) बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, लेकिन आलोचकों ने उनके अभिनय की प्रशंसा की। इसके बाद के कुछ साल उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे।